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Wednesday, October 20, 2021

जागरुक पहल: यहां के आदिवासी युवा बने RJ, संस्कृत में होती है FM के जरिए बात

Kevadia: इन दिनों ‘स्टेचू ऑफ यूनिटी’ देखने जाने वाले सैलानियों के लिए केवड़िया परिसर में कई मधुर आवाजों में और खासकर संस्कृत भाषा में केवडिया सरदार पटेल और स्टैचू ऑफ यूनिटी से जुड़ी हुई कई जानकारियां रेडियो पर सुनने को मिल रही है। यह हो रहा है केवड़िया में कुछ दिन पहले ही शुरू हुए रेडियो यूनिटी स्टेशन पर, जो अपने आप में एक उदाहरण बनता जा रहा है।

गाइड भी बोलते हैं संस्कृत भाषा

रेडियो यूनिटी इस बात का प्रतीक है कि आदिवासियों के पास असीमित शक्ति है, जिस पर प्रधानमंत्री को पूरा भरोसा है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मन की बात में भी इस रेडियो स्टेशन और यहां के आदिवासी रेडियो जॉकी का जिक्र किया था। केवड़िया में रेडियो जॉकी के साथ-साथ गाइड भी आज संस्कृत बोलते हैं और इन सभी को काशी जाकर संस्कृत में प्रशिक्षित किया गया है।

तीन हजार लोगों को मिला रोजगार

पिछले 2 वर्षों में केवड़िया में कई आकर्षण सामने आए हैं, जिसमें सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने का काम किया है। पर्यटन के विकास ने केवड़िया के आसपास के 100 किमी क्षेत्र में 3000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान किया है और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवारों को रोजगार प्रदान किया है। यहां के किसी भी विकास कार्य में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की प्रधानमंत्री की इच्छा आज पूरी हो गई है।

FM पर प्रसारित होती है सरदार पटेल से जुड़ी जानकारियां

‘एफएम 90 रेडियो यूनिटी’ नाम का यह रेडियो स्टेशन सरदार पटेल की जीवनी सहित विभिन्न कार्यक्रमों को प्रसारित करता है और विभिन्न विषयों पर जानकारी भी दे रहा है। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ से जुड़ी परियोजनाएं और इसके निर्माण से जुड़ी एक एक जानकरी आज केवड़िया में ही जन्में पले बढ़े आदिवासी युवक-युवती जो रेडियो जॉकी बन चुके हैं। रेडियो स्टेशन में RJ के तौर पर काम करने के लिए स्थानीय आदिवासी समुदाय से पांच युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। यह FM केवड़िया में 20-25 किलोमीटर के दायरे में सुना जा सकता है।

FM-90 रेडियो यूनिटी का आरंभ किया गया

‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में FM-90 रेडियो यूनिटी का आरंभ किया गया। जिसमें सबसे खास बात यहां के पांच स्थानीय आदिवासी आर जे है, यही पली-बढ़ी रेडियो जॉकी गंगा जिसके संस्कृत संबोधन की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। वह आज एक सफल रेडियो जॉकी के तौर पर लाइन FM रेडियो यूनिटी में काम कर रही है, सुबह 8:00 से रात के 8:00 बजे तक चलने वाले इस रेडियो यूनिटी में गंगा के साथ नीलम और गुरु भी सैलानियों को केवड़िया की छोटी-छोटी बातों से रू-ब-रू करवा रहे हैं।

प्रधानमंत्री के मन की बात के बाद इस रेडियो की पॉपुलर और भी बढ़ गई है और इन सभी RJ का कहना है कि जिस तरह से मौजूदा वक्त में उन्हें प्लेटफार्म मिला है, वह काबिले तारीफ है और हम अपने घर पर ही रह कर विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के बारे में यहां आने वाले लोगों को अलग-अलग भाषाओं में समझा सकते हैं। इसके लिए बकायदा इन सभी आरजे को संस्कृत की ट्रेनिंग दी गई है और रेडियो ऑपरेशन की भी ट्रेनिंग इन सभी स्थानिक आदिवासी आरजे को दी जा रही है।

टीम बेबाक

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