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Saturday, November 26, 2022

बिहार में बारिश का कोहराम: कहीं पानी में डूबा पूरा शहर, तो कहीं अस्पताल, दफ्तर में घुसा पानी

Bihar: बिहार के सुपौल में बाढ़-बारिश से तबाही और बर्बादी शुरू हो गई है। कोसी नदी के अलावे तिलयुगा, बिहुल, गेंडा, मिरचैया समेत कई नदियां उफान पर है। ग्रामीण इलाके की लगभग 10 हजार से अधिक एकड़ खेतों में लगी फसलें डूबकर बर्बाद हो गई है। वहीं शहरी इलाके की बस्तियों में भी बारिश और बाढ़ का पानी लोगों को जीना मुहाल कर रखा है। सड़के और नालियां डूब गई है, लगभग 100 से अधिक परिवारों के घरों में बारिश व बाढ़ का पानी घुसा हुआ है।

सबसे अधिक तबाही मधुबनी जिला सीमा से सटे सुपौल के निर्मली शहर में देखने को मिल रहा है, जहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से रिंग बांध किनारे निर्मित स्लुइस गेट होकर तिलयुगा नदी का पानी नगर पंचायत निर्मली के विभिन्न वार्डों में रिसाव हो रहा है। वार्ड-01, 02, 05, 06 सहित अन्य वार्डों के नागरिक जलजभराव को लेकर काफी परेशान हैं। घर-आंगन में पानी जमा होने से बच्चे-बुजुर्गों को खाने और पीने के लाले पड़ गए है।

नगर क्षेत्र के प्रतिनिधि भी जलभराव की समस्या को लेकर चिंतित है, नगर पंचायत निर्मली के वार्ड-1 के प्रतिनिधि शशि शेखर ने बताया कि शहर में नाली निर्माण में ठेकेदार और जूनियर इंजीनियर की मिलीभगत के कारण गड़बड़ी की गई, नाली का स्तर भूतल से अधिक ऊपर कर दिया गया। इसकारण वार्ड से जलनिकासी नहीं हो पा रही है। 100 से अधिक घरों में पानी घुसा हुआ है। वार्ड के लोग त्राहिमाम कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा उनकी सुध तक नहीं ली जा रही है।

पूरा शहर हुआ झील में तब्दील

लगातार हो रही बारिश से पूरा बेतिया शहर झील में तब्दील हो गया है। बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल कर रख दिया है।शहर के अमो-खास पूरे इलाके जलमग्न हो गये हैं कलक्ट्रिएट से लेकर अनुमंडल कार्यालय और नगर-निगम तक झील में तब्दील हो गये हैं।जिस प्रशासन के जिम्मे पूरे शहर के रख-रखाव और सफाई की जिम्मेवारी रहती है।

सबसे ज्यादा नारकीय स्थिति उन्ही कार्यालयों की है। कलेक्ट्रेट, जहाँ से खुद जिला पदाधिकारी बैठकर जिले के प्रशासनिक कार्यों को करते है वो पूरा का पूरा परिसर जल-जमाव के कारण झील बन चुका है। प्रशासन की गाड़ियों से लेकर एम्बुलेंस और जिले की चलंत कोविड जांच वाहन सब पानी मे डूब गये हैं।यही हाल एसडीएम कार्यालय का है।एसडीएम कार्यालय और वहाँ जाने वाली सड़कें पानी से लबालब भर गईं हैं।

जिस नगर-निगम के जिम्मे शहर को जल-जमाव से निजात दिलाने का जिम्मा है वो खुद हीं टापू बन गया है।शहर के ये हालात तब हैं जब सूबे की डिप्टी सीएम रेणु देवी इसी शहर की रहने वाली हैं।पिछले माह हुए बारिश से भी शहर के हालात ऐसे हीं हो गए तब प्रशासन के द्वारा इसे ठीक कर लिए जाने का दावा किया गया था लेकिन इस बार की हुई बारिश ने प्रशासन के तमाम दावों को मानो पानी मे बहा दिया हो।

पानी में डुबा सरकारी दफ्तर और अस्पताल

बगहा में लगातार हो रही बारिश ने बगहा नगर परिषद पोल खोल दी है। सरकार बरसात पूर्व सारे नाली की सफाई एवं जल जमाव से शहर को निजात दिलाने के लिए पानी निकासी की व्यवस्था का आदेश बगहा में बे असर है। बगहा के दर्जनों मोहल्ला में जल जमाव के कारण लोग परेशान है। वहीं सरकारी दफ्तरों में भी पानी घुस गया बगहा अनुमंडलीय अस्पताल, विधुत ग्रिड, बिजली ऑफिस, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मवेसी अस्पताल सहित तमाम जगह पानी घुस गया हैं।

रातभर हुई बारिश के बाद अस्पताल परिसर पानी पानी है। वहीं तेजी से बढ़ रहे पानी को देखते हुए अस्पताल में भर्ती मरीजों को लेकर सावधानी बरती जा रही हैं। अस्पताल में एक वार्ड से दूसरे वार्ड और एक भवन से दूसरे भवन तक जाना असम्भव सा हो गया है।

अस्पताल परिसर में 3 फिट तक पानी हैं। जल निकासी के मुख्य मार्ग भी पानी से भर गया है जिससे पानी भी नही निकल रहा है और परेशानी बढ़ गई हैं। वही विधुत ग्रिड में में दो से तीन फीट पानी जमा हुआ बिजलीकर्मी जान के बाजी लगा कर विधुत सप्लाई दे रहे है लेकिन नगर परिषद के अधिकारी कुम्भ करणी नीद में सो रहे लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था नही हो रहा जिसे आम नागरिक के साथ साथ सरकारी कर्मी परेशान है।

टीम बेबाक

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