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Sunday, January 16, 2022

राजस्थान में मुसलमानों के लिए तीसरी विकल्प बनेगी ओवैसी की पार्टी, सर्वे शुरू

Jaipur: उत्तर प्रदेश के बाद असदुद्दीन ओवैसी अपनी पार्टी एम आई एम को राजस्थान में भी लांच करने की तैयारी कर रहे हैं। ओवैसी की पार्टी ने राजस्थान में जमीन तलाशने के लिए एक सर्वे भी करवा रही है। जिसमें लोगों से खास तौर पर मुसलमानों से पूछा जा रहा है कि क्या उन्हें किसी तीसरे विकल्प की जरूरत है और क्या उनके साथ भेदभाव हो रहा है।

जयपुर का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल इलाका रामगंज है। रामगंज की चौपड़ पर MIM के समर्थक कार्यकर्ता और नेता भावी रणनीति पर विचार कर रहे हैं।

राजस्थान में अभी असउद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम अस्तित्व में नहीं है। लेकिन राजस्थान में ओवैसी की पार्टी यह सर्वे करवा रही है कि मुस्लिम बहुल इलाकों में मुसलमान तीसरे विकल्प के बारे में क्या सोचते हैं,, एआईएम को लेकर क्या सोचते हैं, क्या उनके मुद्दे हैं और क्या राजस्थान की कांग्रेस सरकार से
उनके नाराजगी है।

ओवैसी के समर्थकों का कहना है कि अभी तक के सर्वे के नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं और राजस्थान में मुसलमान तीसरा विकल्प चाहते हैं।

एमआईएम तीसरा विकल्प बनेगी और जनवरी के अंदर पार्टी राजस्थान में लांच की जा सकती है। एमआईएम के समर्थकों का कहना है कि एमआईएम किसी की बी पार्टी नहीं है, बल्कि भाजपा और कांग्रेस ही ए और बी पार्टी हैं।

हाल ही में कांग्रेस की महंगाई हटाओ महारैली में राहुल के हिन्दू हिंदुत्व के सम्बोधन से मुस्लिम तबका काफी नाराज है और वो तीसरे विकल्प की तलाश में हैं।

ओबीसी की नजर सिर्फ मुस्लिम मतों पर नहीं है राजस्थान में दलितों और आदिवासियों को साथ जोड़ने के लिए पार्टी क्यों लांच करने से पहले गठबंधन की तैयारी की जा रही है। आदिवासी इलाकों में प्रभाव रखने वाली भारतीय ट्राइबल पार्टी और पश्चिम राजस्थान में जाटों के बीच में लोकप्रिय हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी से चर्चा शुरू कर दी।

ओवैसी की पार्टी की राजस्थान में एंट्री की चर्चा के बाद कांग्रेस परेशान हैं। माना जा रहा है कि राजस्थान सरकार के मंत्री प्रतापगढ़ दरियाबाद कहते हैं कि हम आईएम से उनकी पार्टी को कोई खतरा नहीं है।

अभी तक राजस्थान के 17 जिलों में ओवैसी की पार्टी फीडबैक के लिए सर्वे करा चुकी है और बाकी सभी जिलों में भी सर्वे कराकर जमीनी हकीकत टटोलने की कोशिश करेगी राजस्थान में 9 फ़ीसदी मुस्लिम वोट बैंक है।

ओबीसी इस कोशिश में है कि 2023 में राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुसलमानों में कांग्रेस को लेकर नाराजगी को बना सकते हैं। ओबीसी की अभी कोशिश की है कि 2023 से पहले राजस्थान में व पार्टी की जड़े मजबूत कर दे और मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी पैठ बना लें।

टीम बेबाक

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