34.1 C
New Delhi
Friday, October 7, 2022

मानव श्रेष्ठ था…

कोई है जिसने दुनिया बनाई,
हवा, पानी, जंगल पहाड़, पशु, पक्षी और मानव बनाए,
मानव श्रेष्ठ था,
उसने जानवरों को मारा,
अपनी भूख मिटाई,
जंगल को काटा,
अपना घर बनाया,
इच्छा भरी नहीं,
जंगल में आग लगाई,
सड़क बनाए,
मोड़ दी नदी की धार,
गंदगी की मूसलाधार,
जब सब मानव के हाथ में आग गया,
तो वह एक दूसरे से लड़ने लगा,
प्राकृतिक चीजें जैसी उसकी बपौती बन गई
उसने जैसा चाहा वैसा किया,
बिना परवाह के खून में हाथ डाला,
खून से सने हाथ से उसने अपना मुंह पोंछा
आज मानव कहता है,
जंगली जानवर उनके क्षेत्र में क्यों आए,
मारे जाएंगे, खाएंगे, जाएंगे,
बेशर्मी की हद देखो,
सबसे बदतमीज कौम,
दुनिया की नायक बनी बैठी,
बिछा दी है बारूद की ढेर,
सब जलकर राख हो जाए,
इतने बम बना डाले हैं,
यही सभ्यता है,
जिस पर गुमान करते हैं,
खुद तो मरेंगे,
सबको मार जाएंगे,
क्या पिल्ले की मां-मां नहीं है,
जिसके ऊपर तुमने गाड़ी चढ़ा दी है,
तुम्हारा दुख-दुख है,
कुत्ते रोते हैं, तो अपशकुन।
-मनोज तिवारी

SHARE
Bebak Newshttp://bebaknews.in
Bebak News is a digital media platform. Here, information about the country and abroad is published as well as news on religious and social subjects.

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

114,247FansLike
138FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

SHARE