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Sunday, January 16, 2022

तीसरी लहर को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने शुरू की तैयारी, बनाया पेडियाट्रिशन्स टास्क फोर्स

Maharashtra: कोरोना का खतरा फिलहाल खत्‍म होता नहीं दिख रहा है। वायरस के नए-नए वैरिएंट्स की वजह से अब इसकी तीसरी लहर की बात होने लगी है। लेकिन जो सबसे बड़ी चिंता है वो है कि कोरोना के तीसरे लहर का खतरा सबसे ज्यादा बच्चों को हो सकता है।

महाराष्ट्र सरकार ने मुम्बई में 400 बेड का एक SNCU अस्पताल तैयार करने का फैसला लिया है और महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए पेडियाट्रिशन्स टास्क फोर्स भी बनाया है।

कोरोना के तीसरे लहर से पहले कई सवाल अभी से उठने लगे हैं। सवाल ये की कोरोना की तीसरी लहर पहले और दूसरे लहरों से कैसे अलग होने वाली है। ये लहर क्या और ज्यादा खतरनाक होगा।

आपको बता दें कि कई राज्य की सरकारों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, जिनमें सबसे आगे है महाराष्ट्र। डॉक्टरों की मानें तो तीसरे लहर से सबसे ज्यादा नुकसान 18 से कम उम्र के बच्चों को हो सकता है। लिहाजा महाराष्ट्र सरकार एक पीडियाट्रिशियन टास्क फोर्स बना रही है, जिसको लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुम्बई और राज्य के पेडियाट्रिशन्स के साथ एक लंबी बैठक की है।

तीसरे लहर से बच्चों को होने वाले खतरे को भांपते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के नेस्को कोविड अस्पताल के साथ ही 400 बेड का एक एसएनसीयू अस्पताल तैयार करने का फैसला लिया है। इस अस्पताल में बच्चों के इलाज से जुड़ी तमाम सुविधा होगी। कोरोना काल में बच्चों के लिए तैयार किया जाने वाला ये सबसे पहला अस्पताल होगा।

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले बच्चों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक 0 से 10 वर्ष के 1,45,930 बच्चे वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। इसके अलावा राज्य में हर दिन करीब 300 से 500 बच्चे बीमार हो रहे हैं। राज्य में 11 से 20 साल के 3,29,709 बच्चे और युवा अब तक वायरस की चपेट में आ चुके हैं।

बच्चों के लिए कोविड अस्पताल के अलावा तीसरे वेव की तैयारी में राज्य सरकार ने कोविड अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन की सप्लाई और रेमडीसीवीर जैसी जरूरी दवाइयों को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही राज्य में स्वास्थ्य विभागों में 16 हज़ार स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति को लेकर भी अगले 8 दिनों में फैसला लिया जाएगा।

केंद्र और राज्य सरकारों के सलाहकार डॉक्टरों की तरफ से सरकारों को आगाह किया गया है कि कोरोना के तीसरे लहर से बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा है, जिसका मुख्य कारण ये भी है कि वैक्सीन का डोज़ सिर्फ 18 से ऊपर के उम्र वालों को दिया जा रहा है। ऐसे में लगातार खतरनाक हो रहे कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट्स के लिए 18 से कम उम्र वाले युवा और छोटे बच्चे सबसे बड़ा टारगेट हो सकते हैं।

टीम बेबाक

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