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Sunday, December 5, 2021

आत्‍मघाती विचार आए तो योग से अपने तन-मन को करें मजबूत: योग गुरु पंकज शर्मा

New Delhi: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल 8 से 10 लाख लोग खुद अपनी जान ले लेते हैं। हर 40 सेकंड में एक सुसाइड का मामला सामने आता है। जिसकी सबसे बड़ा कारण डिप्रेशन माना जाता है। 2018 की तुलना में साल 2020 -21 में डिप्रेशन के मामले 6 प्रतिशत बढ़े है। जिसका एक प्रमुख कारण कोरोना और लॉकडाउन से होने मानसिक अवसाद को माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आत्महत्या को कम करने और लोगो को उसके बारे में जागरुक करने के लिए हर साल 10 सितंबर को वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे (World Suicide Prevention Day) मनाया जाता है।

योग गुरु पंकज शर्मा के अनुसार डिप्रेशन से निजात पाना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि इस बीमारी का असर सिर्फ आप पर नहीं बल्कि परिवार के सभी सदस्यों पर पड़ता है। अगर आप भी डिप्रेशन की समस्या से परेशान हैं तो कुछ ख़ास योगासन को करने से हम मानसिक अवसाद ही नहीं बल्कि आत्महत्या जैसे नकारात्मक विचारों से भी छुटकारा पा सकते हैं। तनाव और डिप्रेशन दूर करने वाला 6 योगासन जो कोरोना काल में मन को शांत रखेंगे, तनाव-बेचैनी को दिमाग पर हावी होने से रोकेंगे और हमारे अंदर आने वाले आत्महत्या जैसे विचार को भी रोकेंगे।

सुखासन

सुखासन को नियमित रूप से करने पर सुख और शांति मिलती है। इसलिए ही इस आसन को सुखासन कहते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है। इस आसन को रोजाना करने से मन उदास नहीं रहता है और अवसाद में राहत मिलती है। सुखासन के लिए एक साफ सुथरी जगह पर आसान बिछाकर सीधे बैठ जाएं ध्यान रहे कमर गर्दन सीधी रहें । पैरों को अपने सामने फैलाएं। अब पैरों को घुटने से मोड़ लें जैसे हम आलती पालती मार के बैठते है अब हाथों को घुटनों पर रखें और हथेलियों को नीचे की तरफ रखे। नजरें सामने की तरफ रखें। अब लंबी और गहरी साँस ले और सिर्फ अपनी आती-जाती सांस पर ध्यान दें। इस स्थिति में एक से दो मिनट के लिए रहें। आप देखेंगे आपका मन एक दम शांत हो गया है।

बालासन

बालासन से तनाव और थकान से छुटकारा पाया जा सकता है। इस आसन को नियमित रूप से करने पर आपको अवसाद से राहत मिलेगी और नकारात्मक विचार आना बंद होंगे। बलासन को करने के लिए सबसे पहले आप वज्रासन में बैठे, अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें।ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए। फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।

कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्‍य अवस्‍था में आ जाएं। इस प्रक्रिया को शुरुआत में पांच बार तक दोहरा सकते हैं। सांसें सामान्य रखें।

सेतु बंधासन

यह आसन शरीर में रक्तसंचार को बेहतर करता है। यह दिल के ब्लॉकेज़ को खोलने, वहीं दिमाग को शांत करने और तनाव कम करने में मदद करता है। सबसे पहले पीठ के बल लेटे दोनों पैर सीधे औऱ दोनों हाथ कमर के अगल बगल, दोनों घुटने मोड और साँस लेते हुए कमर वाले हिस्स को ऊपर की और उठाये करीब 30 सेकंड तक रुके, साँसें समान्य कर ले और फिर वापस धीरे-धीरे पहले वाली स्थिति में आ जाये। यह क्रिया 3 – 4 बार करें।

हलासन

हलासन का अभ्यास शरीर को न सिर्फ स्ट्रेच करता है बल्कि रीढ़ की हड्डी को भी आराम मिलता है। यह पीठ, गर्दन और कंधों के दर्द को कम करने में मदद करता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से योगी को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक सपोर्ट लेने में भी मदद मिलती है। यह आसन सकारात्मकता और शांति बढ़ाने में मदद करता है। पीठ के बल लेट जाएं दोनों पैर सीधे अब साँस लेते हुए दोनों पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं और सर के ऊपर से होते हुए पीछे ले जायें , और दोनों पैरों के पंजे जमीन में लगा दें। कम से कम 15 सेकंड रुके सांसे सामान्य कर ले । उसके बाद धीरे धीरे दोनों पैरों को एक साथ वापस पहले वाली स्थिति में ले आये ,यह क्रिया 2-3 बार करें ।

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार आपके शरीर और मन को संतुलित रखने, तरोताजा करने और ऊर्जा प्रदान करने के लिए बेहद कारगर है। रोज दिन की शुरूआत इससे करें। सूर्य नमस्कार हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा को पैदा करता है और हमारी नकारात्मक ऊर्जा खत्म कर देता है और व्यक्ति को अपने जीवन मे कुछ नया करने की प्रेरणा देता है।

शवासन

अवसाद या नकारात्मकता सोच ने परेशान कर दिया है तो शवासन एक आराम करने की मुद्रा है। यह चिंता और हर तरह की मानसिक परेशानी को खत्म कर देता है शवासन का नियमित रूप से अभ्यास दिमाग को शांत कर देता है। शवासन के लिए आप किसी साफ से आसान पर सीधे लेट जाएं हाथ-पांव और पूरे शरीर को एक दम ढीला छोड़ दें। धीरे-धीरे और आराम से सांस लें। आंखें बंद कर के मन की आँखों से पूरे शरीर का अवलोकन करें और मन में ये विचार लाएंगे की आप पूरी तरह से स्वस्थ और तनावमुक्त है और आप अपनी जीवन से खुश है। यह क्रिया 10-15 मिनट रोज करें। आम धारणा है कि शवासन बेहद सरल आसन है। ये आसन देखने में बेहद सरल लगता है लेकिन इसमें सिर्फ लेटना ही नहीं होता है बल्कि अपने मन की भावनाओं और शरीर की थकान दोनों पर एक साथ नियंत्रण पाना होता है।

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