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Saturday, November 26, 2022

काली पट्टी बांधकर काम कर रहे बीईओ, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

Raebareli: बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से खण्ड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) के प्रति विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा द्वेषपूर्व कार्य किया जा रहा है। बीईओ के साथ में द्वेषपूर्व तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्तों के विपरीत बिना सुनवाई का अवसर दिए जाने और लगातार की जा रही विभागीय कार्यवाही से क्षुब्ध एवं आक्रोशित होकर जिले भर के बीईओ काली पट्टी बांधकर इस समय कार्य कर रहे हैं। बीईओ संगठन की तरफ अपनी मांग पूरी कराएं जाने को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। 

सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा को ज्ञापन देते हुए उ.प्र. विद्यालय निरीक्षक संघ (खण्ड शिक्षा अधिकारी संघ) के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मौर्य ने बताया कि शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा बिना सुनवाई का अवसर देते हुए त्रुटिपूर्ण ऐप के आधार पर मान्यता विद्यालयों के प्रकरण पर प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गयी। जबकि अधिकांश खण्ड  शिक्षा अधिकारी सन्दर्भित अवधि में अवकाश पर रहे या उनके निजी मोबाइल पर विभाग द्वारा बाह्य किये गये मान्यता ऐप पर पेन्डेन्सी भी कभी प्रदर्शित नहीं हुई। इस प्रकरण पर मजिस्ट्रेट जॉच की मॉग करते हुए वास्तविक दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्यवाही की मॉग करते हुए द्वेष भावना से खण्ड  शिक्षा अधिकारियों को निर्गत प्रतिकूल प्रविष्टि विलोपित/प्रत्यावर्तित करने की मॉग की गई हैं। 

जिला महामंत्री बृजलाल ने बताया कि वर्ष 1988 से खण्ड शिक्षा अधिकारियों की न तो पदोन्नति की गई और न ही निदेशालय स्तर पर लम्बित ए.सी.पी. प्रकरणों के निस्तारण में कोई रूचि ली जा रही है। वहीं, विभागीय डाटा/कार्य खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने निजी मोबाइल पर क्यों संचालित करें। जबकि निजी मोबाइल पर एप चलाने की बाध्यता नहीं है। विभागीय डाटा जरूरी है तो दो वर्षो से अभी तक ब्लाक एमआईएस कोआर्डिनेटर और ब्लाक क्वालिटी कोआर्डिनेटर की नियुक्ति क्यों नहीं ?

खण्ड शिक्षा अधिकारियों के प्रति द्वेषपूर्ण नीति के तहत 3600 फीडबैक जरूरी है तो बेसिक शिक्षा अधिकारियों, बेसिक शिक्षा निदेशालय तथा महानिदेशक कार्यालय का 3600 फीडबैक पारदर्शी व्यवस्था के अन्तर्गत क्यों नहीं ? उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सरकार की एस.एल.पी. खारिज होने पश्चात भी उच्च न्यायालय का निर्णय 5400 ग्रेड पे वेतनमान लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।

इसके अलावा खण्ड शिक्षा अधिकारियों के स्थानान्तरण में की गयी अनियमितता के सम्बन्ध में बार-बार संज्ञान में लाये जाने के बावजूद जॉच क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि हमारे संवर्ग को कार्मिक विभाग समूह ‘ख’ मान रहा है, लेकिन इसके बाद भी शिक्षा निदेशक की तरफ से समूह ‘ग’ ही माना जा रहा है। 

सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते समय बीईओ सत्यप्रकाश, रामचन्द्र, सत्य प्रकाश यादव, राम मिलन, अरविंद सिंह, वरुण मिश्रा, रत्नामणि मिश्रा, प्रियंका सिंह, गौरव मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।

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