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Wednesday, October 20, 2021

पंजाब के बाद राजस्थान में सियासी हलचल तेज, सियासी समीकरण साधने की कवायद में जुटे सियासतदान

New Delhi: पंजाब के बाद अब राजस्थान में सियासी हलचलें तेज हैं। माना जा रहा है नवरात्रों में राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल विस्तार और संगठनात्मक नियुक्तियां होंगी। इसको लेकर अब राजस्थान के तमाम नेताओं की दौड़ दिल्ली तक जारी है। एक ओर ऐसे नेता जो खुद को मंत्री बनने की कतार में पा रहे हैं वह दिल्ली तक दौड़ लगा रहे हैं। तो वहीं ऐसे मंत्री जिनको अपना पद गंवाने का खतरा है वह वह अपने सियासी समीकरण साधने की कवायद में जुटे हैं। इसी बीच गहलोत गुट और पायलट गुट के नेताओं की बयानबाजी भी जारी है। पंजाब से अब राजस्थान आ चुके हरीश चौधरी गहलोत गुट की तरफ से फ्रंट में खेल रहे हैं, ऐसे में राजस्थान के सियासी समीकरणों में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।

तमाम संभावित विकल्पों पर चिंतन-मंथन जारी

पंजाब के बाद अब कांग्रेस आलाकमान ऑपरेशन राजस्थान में जुटा है। तमाम संभावित विकल्पों पर चिंतन-मंथन हो रहा है। राजस्थान की खींचतान दूर करने के लिए सरकार और संगठन में बदलावों पर फोकस किया जा रहा है। मंत्रिमंडल फेरबदल से लेकर संगठन और सरकार के स्तर पर बड़े पैमाने पर अगले महीने से नियुक्तियों की शुरुआत हो सकती है। जनता को मैसेज देने के लिए कांग्रेस हाईकमान सभी मंत्रियों से इस्तीफे लेकर नए सिरे से मंत्रिमंडल बनाने के लिए कह सकता है। अभी इस पर अंतिम मुहर लगना शेष है। मगर इस बीच हरीश चौधरी ने कहा है कि राजस्थान में पंजाब जैसे हालात नहीं हैं, यहां विधायक गहलोत के साथ हैं, लिहाजा सीएम फेस नहीं बदला जाएगा।

सुलह में तय हुए मुद्दों पर अभी फैसला शेष

राजस्थान के बदलावों में मंत्रिमंडल फेरबदल के साथ सचिन पायलट को संगठन में जिम्मेदारी देने पर भी फैसला होगा। सचिन पायलट दो बार राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। पायलट को राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में पद दिए जाने पर विचार किया जा रहा है, पिछले साल बगावत के बाद हुई सुलह में तय हुए मुद्दों पर अभी फैसला बाकी है। इसी बीच गहलोत गुट के हरीश चौधरी के बयान पर पायलट गुट ने पलटवार किया है। पायलट गुट के पूर्व मंत्री और वर्तमान में प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा सभी विधायक आलाकामान के साथ हैं। एक बार आलाकामान फैसला ले तो पता चल जाएगा कितने विधायक किसके साथ हैं।

पार्टी की रणनीति क्या होगी इस पर सबकी नजर

गहलोत मंत्रिपरिषद में अभी सीएम सहित 21 ​मंत्री हैं, 9 मंत्री और बनाए जा सकते हैं। 200 विधायकों के हिसाब से 15 फीसदी मंत्री बन सकते हैं। यह फेरबदल किस तरह होगा यह अलाकमान को तय करना है। मगर दो उपचुनाव की घोषणा के बाद पार्टी की रणनीति क्या होगी यह देखना होगा।

टीम बेबाक

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