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Saturday, November 26, 2022

19 साल के बाद किसानों को फेंसिंग के आगे खेती करने की इजाज़त

Jammu-Kashmir: जम्मू के कठुआ के हीरानगर बॉर्डर पर भारत पाक अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर 19 साल के बाद एक बार फिर बीएसएफ ने किसानों को फेंसिंग के आगे खेती करने की इजाज़त दे दी है। बीएसएफ के इस कदम के बाद बॉर्डर के किसान काफी भावुक है जिन्हें 2 दशकों बाद अपनी खोई हुई जमीन पर एक बार फिर कदम रखने का मौका मिला है।

2002 के बाद लगतार पाकिस्तान की तरफ से की जाने वाली फायरिंग और आतंकी गतिविधियों के कारण बीएसएफ ने किसानों का फेंसिंग के आगे जाना पूरी तरह से बंद कर दिया था। पिछले लंबे समय से किसान बीएसएफ और सरकार दोनो से ही उन्हें उनके खेतो में जाने की गुहार लगा रहे थे। आख़िर बीएसएफ ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर किसानों को उनकी फेंसिंग के आगे सालों से बंजर चली आ रही ज़मीनों को जोतने की इजाज़त दे दी है।

हीरानगर सेक्टर में 2 दशकों बाद अपनी ज़मीन पर कदम रखने के दौरान बॉर्डर पर रहने वाले गांव के किसान काफी भावुक नज़र आये । किसानों ने खेतो में जाने से पहले फेंसिंग के आगे अपनी ज़मीन की मिट्टी को माथा से लगाया जिसके बाद उन्होंने खेतो में काम शुरू किया।

2 दशकों में पहली बार किसानों को जीरो लाइन पर भारत-पाकिस्तान को अलग करने वाले पिलर्स तक अपनी ज़मीन तक जाने का मौका मिला है। किसानों के साथ मिलकर एग्रीकल्चर विभाग फिलहाल 150 एकड़ जमीन को जोत रहा है। जिसमे से 50 एकड़ जमीन जोत ली गई है । बाकी बची हुई ज़मीन कुछ दिनों में जोत दी जाएगी। किसानों को एग्रीकल्चर विभाग की तरफ से मुफ्त बीज और खाद की भी व्यवस्था की गई है। इससे पहले बीएसएफ के इलावा फेंसिंग के आगे जीरो लाइन तक किसी भी आम आदमी को जीरो लाइन तक जाने नही दिया जाता था।

वही पिछले कुछ सालों पर नज़र डाले तो बीएसएफ लगतार अंतरराष्ट्रीय सीमा को डोमिनेट कर रही है। यही कारण है की बीएसएफ ने किसानों को ज़ीरो लाइन पर खेती करवाने का फैसला लिया है । लेकिन किसानों को जीरो लाइन पर खेती करवाने के लिए बीएसएफ द्वारा पूरी रणनीति बनाई गई है । इसके लिए बीएसएफ ने किसानो को सुरक्षा देने के लिए जवानों की कई टीमें बनाई है जो किसानों को सुरक्षा दे रही है।

सिक्योरिटी को दो लेयर में लगाया गया है। इसके साथ ही बुलेट प्रूफ गाड़ी की छत से किसानो की मूवमेंट पर नज़र रखी जा रही है। साथ ही फेंसिंग के साथ बीएसएफ के नाको से जवान लगतार पाकिस्तान की हर मूवमेंट पर नज़र रख रहे है। साथ ही नज़र रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और PTZ कैमरो का भी निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। बीएसएफ की पेट्रोललिंग टीम भी खेती के दौरान पूरे इलाके की रेकी कर रही है। इसके साथ बीएसएफ ने किसानों को भी सुरक्षा के मद्देनजर गाइडलाइन दी है और आपातकाल की स्थिति से कैसे निपटना है इसके बारे में भी बताया है।

खास तौर पर पाकिस्तान पर बीएसएफ द्वारा इसलिए भी चोकनी नज़र रखी जा रही है क्योंकि बीएसएफ और सुरक्षा एजेंसियों के पास लगतार बॉर्डर पार से आतंकी गतिविधियों को लेकर अलग अलग तरह की जानकारियां सामने आ रही है।

बॉर्डर पार आतंकी लांच पेड एक्टिव है और आतंकी घुसपेठ की फिराक में है । बीएसएफ ने अभी इसी हफ्ते आर एस पूरा सेक्टर में एक गुसपेठिये को भी मारने में सफलता भी हासिल की है। ऐसे में इतनी चुनोतियो के बावजूद किसानों के दो दशक पुराने संपने को पूरा करने के लिए बीएसएफ पूरी तरह से तैयार है।

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