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दुनिया का इकलौता मंदिर जहां स्त्री स्वरूप में होती है हनुमान की पूजा

दुनिया का इकलौता मंदिर जहां स्त्री स्वरूप में होती है हनुमान की पूजा

दिल्ली

पुराणों और मान्यताओं के अनुसार बजरंगबली ब्रह्मचारी थे, लेकिन आप ये जानकर हैरान होंगे कि भारत में एक जगह ऐसी भी है जहां बजरंग बली की पुरूष नहीं स्त्री स्वरूप की पूजा होती है। इस मंदिर में 100-200 साल से नहीं बल्कि 10 हजारों सालों से हनुमान जी की नारी स्वरूप में पूजा की जाती है।

यह अनोखा मंदिर बिलासपुर से करीब 25 किमी. दूर रतनपुर में गिरजाबंध मंदिर स्थित है। इस जगह को लोग महामाया नगरी के नाम से भी जानते हैं। इसका मुख्य कारण मां महामाया देवी और गिरजाबंध में स्थित हनुमान जी का मंदिर है।

मान्यताओं के अनुसार, 10 हजार वर्ष पूर्व रतनपुर के राजा पृथ्वी देवजू ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। कहा जाता है कि राजा कोढ़ के रोगी थे और इस वजह से परेशान रहते थे। एक बार सपने में हनुमान जी ने राजा को नारी रूप में दर्शन दिया और राजा की सारी तकलीफ दूर करने को कहा। हनुमान जी ने राजा को मंदिर का निर्माण करवाने और उसमें उनकी प्रतिमा स्‍थापित करने को कहा।

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इसके बाद राजा ने गिरजाबंध मंदिर बनवा तो दिया, लेकिन मूर्ति कहां से लाए इसे लेकर परेशान रहने लगा। बजरंग बली ने एक बार सपने में आकर उन्हें मां महामाया कुंड से मूर्ति लाने को कहा। हालांकि अगले दिन राजा को वहां मूर्ति नहीं मिली। उस दिन एक बार फिर बजरंग बली ने सपने में आकर कहा कि घाट के पास जाकर तलाश करो। अगले दिन जब राजा वहां गए तो वहीं मूर्ति मिली, जिसे राजा ने सपने में देखा था।

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अष्ट श्र‍ृंगार से युक्त मूर्ति के बाएं कंधे पर भगवान राम और दाएं कंधे में लक्ष्मण जी के स्वरूप विराजमान हैं। वहीं बाएं पैर के नीचे अहिरावण और दाएं पैर के नीचे कसाई दबा है।

टीम बेबाक

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