26.1 C
New Delhi
Wednesday, October 20, 2021

पाकिस्तान से सम्मान लेने के बाद शिव सैनिकों ने किया था दिलीप कुमार का विरोध, तो सामाजिक कार्यों की ओर बढ़ा गया था उनका झुकाव

खास बातें

  • निशान ए पाकिस्तान – दिलीप कुमार का ठाकरे ने विरोध किया था – अटल ने दिया था साथ
  • दिलीप कुमार के पिता ने कहा था कि हम भारत में रहेंगे और भारत पर ही मरेंगे
  • हर धर्म को जानते और समझते थे दिलीप कुमार

आप छोटे स्तर पर हों या बढ़े स्तर पर हर जगह आपके चार विरोधी और चार सहयोगी मिलेंगे जिंदगी में। कुछ ऐसे ही विरोधी दिलीप कुमार के जीवन में भी िमले। मुल्क बट चुका था। पर दिलीप का दिल इन दोनों बटे हुए मुल्कों में बसता था। उनकी दिल की धड़कने हमेशा दोनों देश के लोगों के लिए अमन चैन की दुआएं करती थी। शायद इसी लिए वे निशान ए पाकिस्तान का सम्मान लेने चले गए थे। बदले में शिव सैनिकों ने इसका विराेध किया। भारत आने पर उनके घर के सामने प्रदर्शन किए। इसका जवाब दिलीप कुमार मुंह से नहीं सामाजिक कार्यों में सहयोग व मदद करके दिए थे।

बेबाक टीम दिल्ली। मार्च 1988 में दिलीप कुमार पाकिस्तान के सबसे बड़े नागरिक सम्मान निशान ए पाकिस्तान रिसीव करने गए थे , उनके पाकिस्तान जाने पर तब शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे ने उनकी देशभक्ति पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। तब दिलीप कुमार को साथ मिला अटल बिहारी वाजपयी का , अटल वाजपयी ने दिलीप कुमार से कहा उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए और अवार्ड रिसीव करना चाहिए। दिलीप कुमार पाकिस्तान गए और इमरान खान का कनिसार मरीजों के लिए बनाया गया चैरिटेबल हॉस्पिटल शौकत खानम का उद्घाटन भी किया। जनरल जियाउल हक ने दिलीप कुमार को पाकिस्तान में स्टेट गेस्ट का दर्जा दिया। लोग दिलीप कुमार की एक झलक पाने के लिए दीवाने हो रहे थे। दिलीप कुमार जब पेशावर पहुंचे तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, दिलीप कुमार ने कहा उनके पिता ने विभाजन से पहले कहा था हम भारत में रहेंगे और भारत में ही मरेंगे।

Raj, I am sorry. I came late even today.

दिलीप कुमार जब पाकिस्तान से लौटे वक्त फ्लाइट में थे तभी उन्हें राज कपूर की मौत की खबर मिली, वो राज कपूर को देखने सीधे दिल्ली अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा-Raj, I am sorry. I came late even today. Forgive me. जब दिलीप कुमार मुंबई पहुंचे तब उनके बंगले के बाहर शिवसैनिक हंगामा कर रहे थे। दिलीप कुमार के खिलाफ नारे बाजी कर रहे थे , तब दिलीप कुमार ने कहा था I miss my friend Raj today…He would not have let this happen to me. इस विरोध के बाद दिलीप कुमार का झुकाव सामाजिक कार्यों की तरफ बढ़ गया। दिलीप कुमार ने महाराष्ट में आए भूकंप पीड़ितों के लिए रिलीफ कैंप लगवाए , स्लम एरिया में हॉस्पिटल , स्कूल , पार्क , शौचालय बनवाए। नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड के साथ जुड़े और उनके लिए फंड जुटाने में मदद की। फिल्म इंडस्ट्री वेलफयर ट्रस्ट की स्थापना की ,ताकि फिल्म उद्योग से जुड़े आर्टिस्ट की मदद की जा सके।

पांच भाइयों औरछह बहनों की थी दिलीप पर उनपर जिम्मेदारी

दिलीप कुमार ने लम्बे वक्त तक शादी नहीं की , क्योंकि उन्हें उनके भाई और बहनों की देखभाल करनी थी। उनकी शादी करनी थी, वो उन्हें अच्छी से अच्छी जिंदगी और बेहतरीन तालीम देना चाहते थे। उनपर अपने पांच भाइयों और 6 बहनों की जिम्मेदारी थी। लेकिन घर में होने वाली कई घटनाओं से दिलीप कुमार बेहद दुखी भी रहते थे। दिलीप कुमार नमाज भी पढ़ते थे और दिवाली भी सेलिब्रेट करते थे। दिवाली के मौके पर उनके घर रौशन रहा करते , पटाखे चलाये जाते •थे। दिलीप कुमार ने फिल्मों में कभी अंतरंग सीन करने पर राजी नहीं हुए, क्योंकि ऐसा देखना उनके परिवार और दर्शकों को अच्छा नहीं लगता था। साथ ही दिलीप कुमार को पतंग उड़ाना बेहद पसंद था , आज भी उनके यहां पतंगों से भरा एक बड़ा ट्रंक है , इस ट्रंक में गुजरात , राजस्थान , तमिलनाडु और आंध्रा प्रदेश से लाये गए रंग बिरंगे पतंग रखे हैं।

दोस्त बहुत पसंद थे, घर पर अक्सर उन्हीं के साथ खाना भी खाते थे

दिलीप कुमार को दोस्त बेहद पसंद रहे हैं , अक्सर उनके घर की डिनर टेबल पर दोस्त मौजूद हुआ करते थे , दोस्तों का खाना घर पर ही बनता था , होटल से कभी खाना नहीं आता था। वो सेट पर खाना खाने के बाद अक्सर सेट पर मौजूद टेककनीशियन के साथ खाना खाते भी देखे जाते , ताकि पता कर सकें की किसी को कोई ज़रूरत तो नहीं। दिलीप कुमार कमरे में कभी अकेले नहीं सोते थे , वो कमरे की लाइट भी ऑफ़ नहीं करते थे , बल्कि पूरी रात उनके कमरे की लाइट जलती रहती थी।

हॉलीवुड फिल्मों में काम करने से मना कर दिया था

हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर डेविड लीन ने दिलीप कुमार को अपनी फिल्म ‘लॉरेन्स ऑफ अरेबिया’ में प्रिंस शेरीफ अली के किरदार के लिए बात की थी। डेविड लीन की पिछली फिल्म ‘द ब्रिज ऑन द रिवर क्वाई’ को 7 ऑस्कर अवार्ड मिल चुके थे, लेकिन जब डेविन ने दिलीप साहब से फिल्म के प्रस्ताव के बारे में बात की तो दिलीप कुमार ने उनकी फिल्म में काम करने से साफ़ इंकार कर दिया था। मशहूर डायरेक्टर डेविड लीन को मना करने को लेकर कहा जाता है कि दिलीप कुमार को कभी भी हॉलीवुड फिल्में पसंद नहीं आईं। इतना ही नहीं उन्हें हॉलीवुड की फिल्मों में काम करने का कोई शौक भी नहीं था। इसी के साथ ही दिलीप कुमार को लगता था कि वो इस फिल्म में फिट नहीं हो पाएंगे और बाहरी दिखेंगे।

तरुण चतुर्वेदी/टीम बेबाक

Bebak Newshttp://bebaknews.in
Bebak News is a digital media platform. Here, information about the country and abroad is published as well as news on religious and social subjects.

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

114,247FansLike
113FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles