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मनसे कार्यकर्ताओं ने PWD के कर्मचारियों को गड्ढे में कराया उठक-बैठक

मनसे कार्यकर्ताओं ने PWD के कर्मचारियों को गड्ढे में कराया उठक-बैठक

महाराष्ट्र: मुंबई में 4 दिनों की बारिश के बाद सड़कों पर मानो अब गड्ढे का बाढ़ आ गया है। लोग बीएमसी को कोस रहे हैं, लेकिन राज ठाकरे की पार्टी मनसे ने तो पीडब्ल्यूडी के कांट्रेक्टर के कर्मचारी को गड्ढे में उठक-बैठक करवा दिया। और धमकी भी दे दी कि जल्द से जल्द मुंबई के गड्ढों को नहीं भरा गया तो मनसे अपने स्टाइल में सबक सिखाएगी।

गड्ढे की वजह से PWD के कर्मचारियों को मनसे कार्यकर्ताओं ने दी सजा

मुंबई में पिछले 4 दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से यहां का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। चार दिनों तक सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा था, लेकिन पानी के जाते ही मुंबईकरों के लिए एक और नई मुसीबत बन गयी है।

दरअसल बारिश का पानी जाते ही चारों तरफ सड़कों पर सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में विपक्ष को सरकार और मनपा को घेरने का मौका मिल गया है। जहां गुरुवार को मुम्बई के कई इलाकों में गड्ढे को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। वहीं बीती रात मुंबई के सांताक्रुज इलाके में मनसे कार्यकर्ताओं ने अपने स्टाइल में पीडब्ल्यूडी के जूनियर सुपरवाइजर और कांट्रेक्टर के मुकादम को ऐसी सजा दी है, जिसे शायद ही वो कभी भुला पाएंगे।

मनसे विद्यार्थी सेना के उपविभागीय अध्यक्ष अखिल चित्रे के मुताबिक सांताक्रुज के मिलन सबवे इलाके में सड़कों पर काफी गड्ढा है, जिसकी शिकायत उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को दी। साथ ही इस बात का भी अल्टीमेटम दिया कि अगर 48 घंटे में सड़क इन इलाकों के गड्ढे खत्म नहीं हुए तो इनलोगों को मनसे स्टाइल में सबक सिखाया जाएगा।

मनसे स्टाइल में कर्मचारियों को दी सजा

देर रात जैसे ही 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने को आया मनसे कार्यकर्ताओं ने PWD कांट्रेक्ट के मुकादम और जूनियर सुपरवाइजर को ढूंढ कर निकाला। और फिर उन्हें सड़कों पर बने सभी गड्ढों को गिनवाया। साथ ही दोनों को उसी गड्ढे में खड़ा कर उठक-बैठक करवाया। इसके अलावा उन्होंने धमकी भी दी कि अगर जल्द ये सड़क के गड्ढों को नहीं भरा तो PWD के अधिकारियों को भी बुलाकर इसी गड्ढे में खड़ा किया जाएगा।

अखिल चित्रे के मुताबिक, मुंबई के महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर इसी वार्ड 87 से जीत कर गए थे। बाबजूद इसके उनके इलाके की सड़कें इतनी जर्जर हो गई हैं कि आम आदमी के अलावा गाडियों को भी चलाने में लोगों को काफी परेशानी होती है।

टीम बेबाक

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