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Wednesday, October 20, 2021

बच्चों को मौत की नींद सुला रहा है MIS-C, समय रहते इसके लक्षण जानना है जरूरी

Jaipur: कोरोना से मुकाबला करने के लिए वैक्सीन दी जा रही है जिससे एंटी बॉडी बने। लेकिन पोस्ट कोविड से जूझ रहे बच्चों में हाई कोविड एंटीबॉडी नई मुश्किल पैदा कर रही है। हाई एंटीबॉडी यानी इम्यून सिस्टम के हाईपर एक्टिव होने से बच्चे एमआईएस सी यानी मल्टी सिस्टम इंफलमेंट्री सिंड्रोम इन चाईल्ड बीमारी के शिकार हो रहे हैं। जयपुर में दो महीने में 17 बच्चों की इस एमआईएस सी से मौत हो चुकी है। देशभर में 2हजार बच्चे एमआईएस सी से पीड़ित है।

कोरोना की दूसरी लहर बीत जाने के बाद राजस्थान के बच्चों के सबसे बड़े असपताल जयपुर के जेके लोन अस्पताल में पोस्ट कोविड के शिकार बच्चों की तादाद बढ़ती जा रही है। ये पोस्ट कोविड बच्चे एक खास बीमारी के शिकार हो रहे हैं, जिसे मल्टी सिस्टम इंफलेंमेंट्री सिंड्रोम इन चाईल्ड यानी MIS-C कहते हैं। जेके लोन अस्पताल में MIS-C से पीडित 154 बच्चे आ चुके हैं। जिनमें 17 की मौत हो चुकी है।

चिंता की बात ये कि MIS-C के शिकार वे बच्चे अधिक हो रहे हैं जिनमें कोरोना के हल्के लक्षण थे। बीमार होने के बाद कोरोना से ठीक हो गए थे। अधिकतर के परिजनों को जानकारी ही नहीं थी उनके बच्चे को कोरोना हुआ था। लेकिन कोरोना से ठीक होने के बाद हाई एंटॉबोडी बनने से ये बच्चे पोस्ट कोविड में एमआईएस सी के शिकार हो रहे है।

आसान भाषा में शरीर में एंटीबोडी ज्यादा बनने लगती है तो कोरोना से तो रक्षा करती लेकिन शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है। इम्यून सिस्टम हाईपर एक्टिव हो जाता है और शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है। एक तरह से ये एंटीबॉडी का आउटब्रेक है। शरीर का इम्यून सिस्टम ही शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है।

MIS-C इतना खतरनाक है कि समय पर अस्पताल नहीं लाया जाए तो मौत का खतरा बढ़ जाता है। जयपुर के जे के लोन अस्पताल में महज दो महीने में MIS-C के शिकार 17 बच्चो की मौत हो चुकी है। कोरोना से ठीक होने के एक से छह सप्ताह में इसके लक्षण आने लगते हैं।

इस बीमारी का पता आरटीपीसीआर टेस्ट, कोविड एंटीबॉडी टेस्ट के जरिये चलता है। समय पर अस्पताल लाया जाता है तो आसानी से ठीक हो जाते है। लेकिन देरी भारी पड़ सकती है। इस बीमारी को लेकर डर इसलिए भी है कि तीसरी सहर के बच्चों पर असर की अधिक आंशका जताई जा रही है।

MIS-C के लक्षण

  • 24 घंटे तक तेज बुखार, स्किन पर रेसेज, सूजन, आंखें लाल होना, पेट दर्द, धड़कन तेज होना, लाल चकते
  • लीवर, किडनी, आहरनाल के अंगों में सूजन आ रही है
  • 54 फीसदी मरीजों में ईसीजी असमान्य पाई गई
  • हार्ट व फेफड़े के आसपास पानी भरना

MIS-C को ऐसे पहचानें

  • बुखार दर्द सामान्य दवा से ठीक नहीं हो रहा हो औऱ तीन दिन से हो।
  • अंगो में सूजन हो या डायरिया हो।
  • बच्चा कोविड संक्रमित रहा हो या कोविड संक्रमित के संपर्क में आया हो।

देश में किस किस राज्य में है MIS-C

  • राजस्थान के अलावा दिल्ली, गुजरात केरल और पंजाब में ये बीमारी अधिक।
  • केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट किया।
  • इंडियन अकेडेमी ऑफ पीडियेट्रिक्स इंटेसिव केयर के मुताबिक देशभर में दो हजार से अधिक बच्चे एमआईएस सी से पीड़ित।

टीम बेबाक

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