Share
मैं हिन्दुस्तान हूँ

मैं हिन्दुस्तान हूँ

गरीबों की झोपड़ी, दौलतमंदों का महल
हर घर का मैं सम्मान हूँ
मैं हिन्दुस्तान हूँ।।

कभी ईमान की रोटियां गिनता हूँ तो
कभी भ्रष्टाचार की दूकान हूँ
मैं हिन्दुस्तान हूँ।।

देखो मुझे गौर से मैं सबका हूँ
कभी होली तो कभी रमजान हूँ
मैं हिन्दुस्तान हूँ।।

भाई-चारे को तरसता, कोई सूना बंजर मकान हूँ
मैं हिन्दुस्तान हूँ।।

दंगों में रक्त से सिंच गयी जमीन मेरी जब-तब,
विश्व में एकता की पहचान हूँ
मैं हिन्दुस्तान हूँ।।

पिता के खून से भीगा, किसी बेटी के दहेज़ का सामान हूँ
मैं हिन्दुस्तान हूँ।।

READ  अनोखी शादी, दहेज में मांगा 10 हजार पौधा

रौंदते हो जिसे तुम अपनी नामर्दाना हरकतों से
ऐसा बिखरा-बिखरा नारी का सम्मान हूँ
मैं हिन्दुस्तान हूँ, मैं हिन्दुस्तान हूँ।।

निधि खरे
(लेखिका स्वतंत्र पत्रकार हैं)

SHARE ON :
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
(Visited 272 times, 1 visits today)