Share
किसान परिवार से निकली भारत की नई ‘उड़नपरी’, 400 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास

किसान परिवार से निकली भारत की नई ‘उड़नपरी’, 400 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास

नई दिल्ली: फिनलैंड के टेम्पेयर में जारी आईएएएफ विश्व अंडर 20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के महिला 400 मीटर स्पर्धा में भारत की हिमा दास ने गुरुवार को गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। हिमा विश्व स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई हैं।

असम की बेटी हिमा दास ने विश्व स्तर पर रचा इतिहास

हिमा की इस ऐतिहासिक सफलता पर देशभर से बधाइयां मिल रही हैं। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बधाई देते हुए कहा कि हिमा से अब ओलंपिक में पदक का इंतजार है। इसके अलावा पीएम मोदी ने भी हिमा को बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि यह जीत आने वाले समय में युवाओं को प्रेरित करेगी। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बी हिमा की इस सफलता पर उन्हें बधाई दी है।

बता दें हिमा ने टेम्पेयर (फिनलैंड) में खेले गए फाइनल में 51.46 सेकेंड में जीत हासिल की। वह हालांकि 51.13 सेकेंड के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से पीछे रहीं। लेकिन इस जीत के साथ वह इस चैंपियनशिप में सभी आयु वर्गो में स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली महिला बन गई हैं। 18 साल की हिमा अपनी इस अभूतपूर्व सफलता के बाद एथेलेटिक्स की दुनिया में सुर्खियों में हैं। हिमा से पहले भारत की किसी भी महिला ने विश्व चैंपियनशिप के किसी भी स्तर पर गोल्ड मेडल नहीं जीता था।

READ  मैच खत्म होते ही धोनी ने अंपायर से ली गेंद, क्या ले रहे हैं संन्यास?

साधारण किसान परिवार से आती हैं हिमा

हिमा दास असम के एक साधाराण किसान परिवार से आती हैं। उनका परिवार यहां धान की खेती करता है। उन्होंने कभी भी एथलेटिक्स में किस्मत आजमाने का सोचा नहीं था, वह तो लड़कों के साथ फुटबॉल खेला करती थीं। इस दौरान एक शख्स ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उसकी जिद की वजह से वह ट्रैक पर उतर आईं और कड़ी मेहनत के बाद इतिहास रचने में कामयाब हुईं।

दरअसल, वो शख्स कोई और नहीं उनके कोच निपोन दास हैं। उन्होंने हिमा को एथलेटिक्स में किस्मत आजमाने की सलाह दी, लेकिन उनके परिवार वाले राजी नहीं हुए। आखिरकर कोच निपोन की जिद के आगे हिमा के परिजनों का झुकना पड़ा। इसी के बाद हिमा ट्रैक पर अपनी काबिलियत साबित करने की जोर आजमाइश में जुट गईं।

READ  RIO 2016: नरसिंह का सपना टूटा, लगा 4 साल का बैन

कोच निपोन दास, जो पिछले साल जनवरी में हिमा से जुड़े थे, ने बताया कि ‘उसका (हिमा का) आत्मविश्वास ही उसकी सफलता का आधार बना। वह अपनी प्रतिद्वंद्वियों की परवाह नहीं करती। हर दौड़ में उसका लक्ष्य बेहतर समय के साथ सर्वश्रेष्ठ को हरा देना है।’

उल्लेखनीय है कि हिमा अप्रैल में गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की 400 मीटर स्पर्धा में तत्कालीन भारतीय अंडर 20 रिकॉर्ड 51.32 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रही थीं। इसके बाद गुवाहाटी में हाल में राष्ट्रीय अंतर राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने 51.13 सेकेंड के साथ अपने इस रिकॉर्ड में सुधार किया था।

टीम बेबाक

SHARE ON :
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
(Visited 15 times, 1 visits today)