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काला पीलिया के चपेट में पूरा गांव

काला पीलिया के चपेट में पूरा गांव

हरियाणा, कैथल

आज देश में हर तरफ सेहत के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार अपने नागरिकों को सेहतमंद बनाने के लिए तरह-तरह के स्वास्थ्य योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री खुद लोगों को सेहतमंद बनाने के लिए योगा सिखा रहे हैं। लेकिन इन सब बातों से इतर हरियाणा के कैथल जिले का बिरथे गांव इन सब से अनभिज्ञ हैं और पीलीया जैसे खरतरनाक बीमारी का शिकार हो रहा है।

एक आंकड़े के मुताबिक इस गांव के 50 फीसदी लोग पीलिया जैसे गंभीर बीमारी की चपेट में है। इस बीमारी की वजह पीने वाले पानी को बताया जा रहा है। क्योंकि यहां के लोग जो पानी पीते है वो फॉरेंसिक जांच के स्तर से पीने लायक नहीं है। लेकिन साफ पानी नहीं मिलने की वजह से लोग जानलेवा पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं।

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वहीं दूसरी तरफ इस बीमारी का कारण यह भी है कि लोगों को इस बीमारी के बारे पता भी नहीं चलता है कि उसे हुआ क्या है। इसके पीछे का कारण है गांव में ना तो कोई अस्पताल है ना ही कोई स्वास्थ्य केंद्र। अगर गांव में कोई बीमार पड़ता है तो उसे इलाज के लिए दूसरे गांव ही जाना पड़ता है। यहां तक की पशुओं के लिए भी यहां पर कोई चिकित्सालय नहीं है। इसके लिए भी लोग इधर-उधर ही भटकते हैं। आपको बता दें कि इस गांव के अधिकांश लोग बीपीएल की सूची में आते हैं।

गांव में बढ़ते इस बीमारी के प्रकोप के रोकथाम के लिए सरकार की तरफ से कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों को अपने इलाज के लिए हर मंगलवार को रोहतक के पी जी आई जाना पड़ता है। पीलिया जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार की उदासीनता को देखते हुए गांव के सरपंच रंजना देवी और आंगनवाड़ी की कार्यकर्ता रचना देवी ने गांव में डॉ राहुल शर्मा को बुलाया।

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डॉ राहुल शर्मा ने जब गांव में आ कर लोगों की हालत देखी तो उन्होंने बताया कि 165 लोगों में से 60 लोगों में काला पीलिया का लक्ष्ण है। जो कि एक गंभीर समस्या है। लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक गांव वालों के लिए कुछ भी नहीं किया गया। अगर ऐसा ही रहा तो बहुत जल्द इसका गंभीर परिणाम हम लोगों के समाने आ सकता है।

कैथल से गुरदास सिंह के साथ टीम बेबाक

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