ये मुल्क लहुलुहान है…
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ये मुल्क लहुलुहान है…

लहू लुहान है ज़मी, लहूलुहान आसमान तू देख हर दिशाओं से, उठ रहा है धुआं हर गली नीलाम है, हर चौराहा बिक रहा लाश टंगी बेटियों की वो…

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Father’s Day Special-घर की बुनियाद हैं पापा
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Father’s Day Special-घर की बुनियाद हैं पापा

मेरे हर मुस्कान की उन्होंने कीमत चुकाया सपनों से भरी मेरी आंखों को हकीकत बनाया पापा ने अपना आसमान दिया तो मैंने अपने पंखों को परवाज भरना सिखाया।…

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‘कहर-कहर’ जब चली लाश-लाश बिछ गई…
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‘कहर-कहर’ जब चली लाश-लाश बिछ गई…

‘कहर-कहर’ जब चली लाश-लाश बिछ गई निकल सका ना चूं भी कि हाय सांस टुट गई देखते ही देखते शमशान बन गया शहर इंसान की तुम छोड़ दो…

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मैं हिन्दुस्तान हूँ
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मैं हिन्दुस्तान हूँ

गरीबों की झोपड़ी, दौलतमंदों का महल हर घर का मैं सम्मान हूँ मैं हिन्दुस्तान हूँ।। कभी ईमान की रोटियां गिनता हूँ तो कभी भ्रष्टाचार की दूकान हूँ मैं…

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गाँव से रिश्ता
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गाँव से रिश्ता

एक पल तो ज़रा सोच मेरे दोस्त… गाँव से रिश्ता है मेरा गाँव से रिश्ता है तेरा तुझे क्यूँ नहीं याद आता अब तेरा गाँव कैसे भूल गया…

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वो ठंड में ठिठूर कर मर जाते हैं…
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वो ठंड में ठिठूर कर मर जाते हैं…

तुम बड़े होटलों में खाते हो वो सड़क किनारे खाते हैं।। तुम फैशन में नए नए कपड़े हर दूजे दिन ले आते हो वो तन ढंकने के लिए…

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गाँव ने बुलाया है
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गाँव ने बुलाया है

मेरे गाँव ने मुझे बुलाया है सपनों में बहुत रुलाया है… कांक्रीट के इस जंगल में कौन मुझे ले आया है? अब दम घुटता है मेरा यही हाल…

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