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बल्लबगढ़ के सबसे बड़े कल्पना चावला सिटी पार्क का हाल बदहाल, चारों ओर फैली हुई है गंदगी

बल्लबगढ़ के सबसे बड़े कल्पना चावला सिटी पार्क का हाल बदहाल, चारों ओर फैली हुई है गंदगी

हरियाणा ब्यूरो(बल्लबगढ़): नाम कल्पना चावला सिटी पार्क और हम यहां ये कल्पना ही नहीं कर सकते कि फरीदाबाद नगर निगम प्रशासन इतना लापरवाह हो सकता है। बल्लबगढ़ के सबसे बड़े कल्पना चावला सिटी पार्क का हमने ग्राउंड रिपोर्ट पर जाकर हाल देखा तो हाल बेहद ही खराब था।

शहर के सबसे बड़े सिटी पार्क का हाल हुआ बदहाल

बिजली की तारें खुली हुई और और पार्क में चारो तरफ गंदगी का आलम। इतना ही नहीं बैठने के लिए सीमेंट वाले बेंच तो हैं लेकिन उनकी हालत भी बद से बदतर है। भारत के नवीनीकरण के लिए ठेका छोड़ा गया लेकिन 10 महीने बाद भी नवीनीकरण के नाम पर अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से जनता के पैसों का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। आइए हम आपको दिखाते हैं ग्राउंड जीरो पर बल्लभगढ़ के कल्पना चावला सिटी पार्क की दयनीय स्थिति।

बल्लभगढ़ का सबसे बड़ा कल्पना चावला सिटी पार्क, जो कहने के लिए तो बड़ा है लेकिन सुविधाओं के नाम पर जीरो है। मीडिया की टीम जब पार्क में पहुंची तो देखा कि हालत बेहद ही खराब हैं। इस पार्क में चारों ओर गंदगी का आलम था तो कहीं बैठने वाली बेंच पूरी तरह से टूटी हुई थी।

अधिकारियों और ठेकेदारों ने जनता के पैसों को लूटा

इससे भी बड़ी बात यह थी कि पार्क में हाई मास्क लाइट और खंभों के नीचे और अन्य स्ट्रीट लाइटों के नीचे बिजली के तार खुले हुए थे, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं। इससे पहले दो बंदर इन तारों से काल का ग्रास बन चुके हैं। पार्क में घूमने आए लोगों की मानें तो यहां छोटे-छोटे बच्चे फुटबॉल खेलते हैं और सैर करने आते हैं। यह खुले तार बच्चे ही नहीं बड़ों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। पार्क में घूमने वाले लोगों ने इन खुले तारों की शिकायत कई बार नगर निगम के अधिकारियों से की है। लेकिन आज तक नगर निगम के अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है।

वहीं, नगर निगम के सफाई निरीक्षक धर्मवीर भाटी की मानें तो उनका काम केवल सफाई करने का होता है, यहां से कूड़ा उठाना इको ग्रीन कंपनी का काम है। वह बिल्कुल भी कूड़ा नहीं उठाती। कई बार अपने अधिकारियों और इको ग्रीन कंपनी के अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन आज तक किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ

टीम बेबाक

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