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जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री

जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री

 जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक संकट के बादल छट सकते हैं क्योंकि पीडीपी की चीफ महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री बन सकती है। गुरुवार शाम को हुई मीटिंग में उन्हें पार्टी विधायक दल का नेता और सीएम कैंडिडेट चुना गया। मीटिंग में बीजेपी के साथ सरकार बनाने पर चर्चा हुई।

जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन 

आपको बता दें कि मोहम्मद सईद के दिवंगत होने के बाद जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू है। जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन की सरकार मार्च 2015 से जनवरी 2016 तक रही। 10 महिने की अवधि तक सरकार चलाने के बाद 7 जनवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन हो गया। सईद के निधन के बाद दोनों दलों के बीच दूरियां बढ़ती चली गई और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।

 

 जम्मू-कश्मीर विधानसभा की स्थिति  

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 87 सीटें हैं। जिनमें पीडीपी के 27 विधायक, बीजेपी के 25 विधायक, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 15 और कांग्रेस के 12 विधायक हैं।

कौन है महबूबा मुफ्ती ?

महबूबा मुफ्ती का जन्म 22 मई 1959 में दक्षिणी कश्मीर के बिजबहेरा में हुआ था। महबूबा जम्मू-कश्मीर के पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी हैं। महबूबा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से लोकसभा सांसद हैं। 56 साल की उम्र में महबूबा ने 1996 में कांग्रेस ज्वाइन किया और राजनीति के मुख्य धारा में जुड़ी। महबूबा ने पहला विधानसभा चुनाव बतौर कांग्रेस कैंडिडेट बिजबहेरा से जीता। वहीं 1998 में मुफ्ती मोहम्मद सईद को बतौर कांग्रेस कैंडिडेट लोकसभा चुनाव में जीत दिलाने में उनका बड़ा रोल रहा है। उसके अगले साल यानि कि 1999 में मोहम्मद सईद ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी यानि कि पीडीपी बनाया।

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 2002 के विधानसभा चुनाव के दौरान महबूबा ने जमकर प्रचार प्रसार किया और पीडीपी के खाते में 16 सीटें जोड़ दिया। साथ ही कांग्रेस के सपोर्ट से सईद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री बने। वहीं 2004 में महबूबा पहली बार सांसद बनीं। एक बार फिर से महबूबा की मेहनत रंग लाई और 2008 के चुनाव में पीडीपी के 21 विधायक जीत कर विधानसभा पहुंचे।

जावेद इकबाल से हुई थी निकाह  

आज के समय में जो राजनीतिक तौर से धूर विरोधी बन चुका है वो एक दौर में महबूबा मुफ्ती के पति थे। जावेद इकबाल और महबूबा का वैवाहिक संबध ज्यादा दिनों तक नहीं चला और दोनों का तलाक हो गया। फिर समय के साथ संबंध यहां तक बिगड़े की जावेद अपने ससुर के राजनीतिक दुश्मन फारुख अबदुल्ला के साथ शामिल हो गए। फारुख ने उन्हें अपनी पार्टी में खूब तवज्जो दी।

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बीते राज्य विधानसभा का चुनाव उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस की टिकट पर सोनावर से लड़ा था, लेकिन चुनाव हार गए। उन्होंने अपने पूर्व ससुर और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ जम कर प्रचार किया और तबीयत से जहर उगले। आपको बाता दूं कि जब तक इनका तलाक हुआ तब तक दोनों की दो बेटियां हो चुकी थी। तलाक के बाद महबूबा ने उसे पाला पोसा।

पहली महिला मुख्यमंत्री  

अब अगर ऐसे में महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री बनती है तो ये पहली महिला मुख्यमंत्री होंगी।

टीम बेबाक

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