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उत्तराखंड में धारा-144 लागू

उत्तराखंड में धारा-144 लागू

उत्तराखंड सरकार से संकटों का बादल छटने का नाम नहीं ले रहा है। राजनीतिक उठा-पटक के बीच खबर आई है कि स्पीकर ने कांग्रेस के बागी 9 सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी है। हालांकि इसकी अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है।

सदस्यता रद्द करने के पीछे की राजनीति

बागी 9 कांग्रेस विधायक की सदस्यता रद्द करने के लिए सीएम हरीश रावत ने स्पीकर से सिफारिश की थी। अगर ऐसा होता है तो फिर सदन में बहुमत का आंकड़ा बदल जाएगा। 71 सीटों वाले उत्तराखंड में बहुमत के लिए 36 सीटें चाहिए लेकिन 9 विधायकों की सदस्यता खत्म होने के बाद ये आंकड़ा 31 का हो जाएगा। ऐसे में हरीश रावत को बहुमत साबित करने में आसानी हो जाएगी।

उत्तराखंड में लगा धारा-144

सियासी सरगर्मी के बीच पूरे उत्तराखंड में धारा-144 लगा दिया गया है। बागी विधायकों के आवास के पास ITBP के जवानों को तैनात कर दिया गया है। खबरों के मुताबिक पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को भी तैनात किया गया है। पुलिस ने साइबर सेल को भी सतर्क किया है, ताकि कोई भी सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर शांति भंग करने की कोशिश ना करें।

कांग्रेस ने बाबा रामदेव पर लगाया आरोप

उत्तराखंड में जब सरकार खतरे में आई तो आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया। इसी दौरान कांग्रेस ने बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘भाजपा के साथ मिल कर बाबा रामदेव राज्य सरकार गिराने में लगे हैं।’

वहीं बाबा रामदेव ने इस आरोप का खंडन करते हुआ कहा कि ‘आरोप बेबुनियाद हैं। इस राजनीतिक घटना के लिए उनके बजाय राजनीतिक दलों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’

28 मार्च को साबित करना है बहुमत

सीएम हरीश रावत को 28 मार्च को बहुमत साबित करना है लेकिन इससे पहले 26 विधायकों को स्पीकर के नोटिस का जवाब भी देना है, नोटिस में पूछा गया है कि क्यों ना दल बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए।

टीम बेबाक

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